कोलकाता, 5 सितंबर : आलमबाजार स्थित श्री श्याम मंदिर में शुक्रवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का भव्य आयोजन श्रद्धा और उल्लास के साथ किया गया। शाम 5 बजे शुरू हुए समारोह में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजे मंदिर परिसर में भगवान श्रीकृष्ण और बाबा श्याम के जयकारे देर रात तक गूंजते रहे। श्रद्धालुओं के बीच “कोलकाता का खाटू धाम” कहा जाता है और जो पूर्वी भारत के बड़े खाटू श्याम मंदिरों में शुमार है
जन्माष्टमी समारोह की शुरुआत धार्मिक वातावरण में हुई। इसके बाद आयोजित विशेष भजन संध्या में सुप्रसिद्ध भजन गायकों निशांत राजलीवाल, राहुल राजलीवाल, अनुराग दाधीच और अर्पित श्रीवास्तव ने भगवान श्रीकृष्ण और बाबा श्याम को समर्पित भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए। पूरे परिसर में तालियों और जयकारों से भक्तिमय माहौल बना रहा।
कृष्ण लीलाओं की नृत्य-नाटिका ने मोहा मन
समारोह में बिट्टू सिंह राजपूत की ओर से प्रस्तुत नृत्य-नाटिका विशेष आकर्षण रही। प्रस्तुति में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म, बाल लीलाओं, माखन चोरी और रासलीला जैसे प्रसंगों को मंच के माध्यम से जीवंत किया गया। कलाकारों की प्रस्तुति को श्रद्धालुओं ने खूब सराहा और कार्यक्रम के दौरान दर्शकों में उत्साह बना रहा।
मध्यरात्रि में हुआ श्रीकृष्ण जन्मोत्सव
जन्माष्टमी समारोह का मुख्य धार्मिक आयोजन मध्यरात्रि में हुआ। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया गया। जन्मोत्सव के अवसर पर मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए। इसके बाद महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया।
महाआरती के बाद श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। देर रात तक मंदिर परिसर में भक्तों की आवाजाही बनी रही। धार्मिक आयोजन के साथ ही जन्माष्टमी समारोह का
समापन भक्तिमय वातावरण में हुआ।
आयोजन की सफलता में कार्यकर्ताओं का योगदान
मंदिर के ट्रस्टी एवं सचिव गोविंद मुरारी अग्रवाल ने बताया कि जन्माष्टमी समारोह को सफल बनाने के लिए मंदिर से जुड़े कार्यकर्ताओं और सहयोगियों ने अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं। आयोजन की तैयारियों, श्रद्धालुओं की सुविधा, कार्यक्रम की व्यवस्थाओं और संचालन में पूरी टीम सक्रिय रही।

